
LEAD INDIA TV NEWS पालघर–तारापुर–बोईसर MIDC से विशेष रिपोर्ट विराज फैक्टरी में हादसा — कांट्रेक्टर दीपक बारी के अधीन कार्यरत मजदूर परेश रमेश राठौड़ की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल पालघर जिले के तारापुर–बोईसर MIDC स्थित विराज फैक्टरी में सुरक्षा मानकों की अनदेखी एक बार फिर बड़ी दुर्घटना का कारण बनी।धनु निवाशी डिप्लोमा धारक मजदूर परेश रमेश राठौड़, जो पिछले चार वर्षों से कांट्रेक्टर दीपक बारी के अधीन कार्यरत था, फैक्टरी में लोहे का भारी रॉड गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में हॉस्पिटल में उसकी मौत हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों और सहकर्मियों के अनुसार, हादसे के समय फैक्टरी के अंदर सुरक्षा उपकरण और सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। मजदूरों का आरोप है कि यह पहली बार नहीं है—फैक्ट्री में इस तरह की दुर्घटनाएँ लगातार होती रहती हैं और प्रबंधन द्वारा सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरती जाती है।मजदूरों की पीड़ा और प्रबंधन पर सवाल मृतक परेश राठौड़ एक मेहनती और तकनीकी रूप से प्रशिक्षित मजदूर था।सहकर्मियों ने बताया कि:काम के दौरान ऊपर से लोहे का रॉड गिरा,मौके पर उचित सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी,हादसे के बाद तुरंत उपचार मिल पाता तो शायद जान बच सकती थी।

ट्रैफिक और अव्यवस्था की दूसरी बड़ी समस्या तारापुर–बोईसर MIDC में फैक्ट्रियों के बाहर बड़ी ट्रक गाड़ियों की अवैध पार्किंग ने भी स्थिति को और गंभीर बना दिया है।फैक्टरी के बाहर घंटों तक खड़े रहने वाले ट्रकों के कारण:यातायात बाधित रहता है,

रास्तों में जाम लग जाता है,ट्रैफिक नियमों का खुलेआम उल्लंघन होता है,और दुर्घटनाओं की आशंका और बढ़ जाती है।सरकार और विभागों से तत्काल कार्रवाई की मांगस्थानीय नागरिकों, मजदूर संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मांग है:1. विराज फैक्टरी की सुरक्षा व्यवस्था की उच्च स्तरीय जांच हो।2. यदि कंपनी सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करती है तोफैक्टरी को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए।3. MIDC क्षेत्र में ट्रकों की अवैध पार्किंग पर सख्त कार्रवाई हो।4. ट्रैफिक प्रबंधन को मजबूत किया जाए ताकि दुर्घटनाएँ रोकी जा सकें।पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
LEAD INDIA TV NEWS जैसे ही इस घटना से संबंधित और जानकारी प्राप्त होगी, हम आपको अपडेट करेंगे।
