नवी मुंबई–मुंबई के समंदर में ‘काला साम्राज्य’डीज़ल माफिया, पुलिस संरक्षण और राष्ट्रीय सुरक्षा पर बड़ा सवाल

नवी मुंबई–मुंबई के समंदर में ‘काला साम्राज्य’डीज़ल माफिया, पुलिस संरक्षण और राष्ट्रीय सुरक्षा पर बड़ा सवाल**मुंबई / नवी मुंबई | महाराष्ट्रमहाराष्ट्र की राजधानी मुंबई और नवी मुंबई, जो चारों ओर समुद्र से घिरी हैं, सिर्फ अपनी खूबसूरती और व्यापारिक गतिविधियों के लिए ही नहीं, बल्कि एक खतरनाक ‘काले साम्राज्य’ के लिए भी चर्चा में हैं।

यह काला साम्राज्य है—समुद्र में सक्रिय डीज़ल माफिया का, जो अब सिर्फ आर्थिक अपराध नहीं बल्कि देश की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बनता जा रहा है।एक विशेष चर्चा और सामने आए ऑडियो बयान में यह खुलासा हुआ है कि मुंबई, नवी मुंबई और रायगढ़ जिले के कोस्टल एरिया में डीज़ल की अवैध तस्करी खुलेआम चल रही है। इस पूरे नेटवर्क में बार-बार जिस नाम का ज़िक्र आता है, वह है लक्ष्मण जेट्टा उर्फ गणेश कोहली उर्फ गणेश टोपी, जिसे वक्ता ने दुर्दांत अपराधी बताया है।

आरोप है कि हर बार कार्रवाई के बावजूद यह आरोपी किसी न किसी कारण से कानूनी शिकंजे से बाहर निकल जाता है।

पुलिस और सिस्टम पर गंभीर आरोप सीसीएफ (Citizen Conscious Forum) के अध्यक्ष के. कुमार ने स्टूडियो चर्चा में आरोप लगाया कि रायगढ़ जिला, नवी मुंबई और मुंबई के कुछ कोस्टल पुलिस स्टेशन,खासकर येलो गेट पुलिस स्टेशन,लोकल क्राइम ब्रांच और नवी मुंबई DCP ज़ोन–2 के तहत आने वाले कुछ अधिकारी डीज़ल माफिया को संरक्षण और सहयोग दे रहे हैं।कुमार के अनुसार, यही वजह है कि माफिया पकड़े जाने के बाद भी जमानत पर बाहर आ जाता है और काला कारोबार लगातार चलता रहता है।अरब सागर से भारत तक डीज़ल की लूटऑडियो में सामने आया एक गंभीर खुलासा यह भी है

कि अरब सागर में विदेशी वेसल्स में मौजूद लाखों लीटर डीज़ल,भारतीय समुद्री सीमा में प्रवेश करते ही ऑयल माफिया सिंडिकेट द्वारा डर–धमकी के ज़रिये सस्ते दामों में खरीदा जाता है और भारतीय बाज़ार में अवैध रूप से बेचा जाता है।एक वायरल ऑडियो में कथित तौर पर ऑयल माफिया द्वारा एक कोस्टल OSV वेसल के कैप्टन को धमकी दी जा रही है—“माल किसी और को मत देना, वरना बहुत बड़ा प्रॉब्लम होगा।”इस ऑडियो में ‘माल’ शब्द का इस्तेमाल डीज़ल के लिए किया गया है।सुजीत सिंह और एनर्जी वेसल्स का ज़िक्र चर्चा में एक और नाम सामने आया—सुजीत सिंह, जो कथित तौर पर एनर्जी वेसल्स के चीफ इंजीनियर बताए गए हैं और जिनका संबंध चेता ग्रुप से जोड़ा गया।आरोप है कि डीज़ल तस्करी के इस खेल में करोड़ों रुपये का मुनाफा कमाया जा रहा है।देश की सुरक्षा से सीधा संबंध के. कुमार ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर समय रहते इस डीज़ल माफिया नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई,तो यह नेटवर्क 26/11 जैसे आतंकी हमलों की पुनरावृत्ति का रास्ता बन सकता है।उन्होंने याद दिलाया कि1993 और 26/11 के दौरान समुद्री रास्तों का इस्तेमाल हथियारों और आतंकियों को भारत लाने में हुआ था,और उस समय भी डीज़ल स्मगलिंग से जुड़े वेसल्स का इस्तेमाल किया गया था।कस्टम्स की कार्रवाई और हकीकत हाल ही में मुंबई कस्टम्स ने लगभग 200 टन अवैध डीज़ल से लदे वेसल को जब्त किया,जिससे यह साफ होता है कि देश को हर दिन भारी राजस्व नुकसान हो रहा है,लेकिन इसके बावजूद कोस्टल एरिया में तैनात कई विभागों पर“मोटा हफ्ता” लेने के आरोप लगे हैं।सरकार से सीधी मांग सीसीएफ अध्यक्ष के. कुमार ने मुख्यमंत्री महाराष्ट्र,DGP महाराष्ट्र,और भारत सरकार से मांग की कि—डीज़ल स्मगलिंग को राष्ट्रीय सुरक्षा अपराध माना जाए हाई सी में डीज़ल तस्करी पर सीधा MCOCA लगाया जाए लक्ष्मण जेट्टा और उसके पूरे परिवार की आय के स्रोतों की जांच हो कोस्टल पुलिस और संबंधित अधिकारियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए लीड इंडिया टीवी का ऐलान लीड इंडिया टीवी न्यूज़ ने साफ किया है कि जब तक यह काला साम्राज्य खत्म नहीं होता,तब तक इस मुद्दे पर न्यूज़, वीडियो और एक्सपोज़े लगातार जारी रहेंगे।देश सुरक्षित तो हम सुरक्षित।जय हिंद, जय भारत, जय महाराष्ट्र।

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