
**न्यूज़*_ *रामनगर/ नैनीताल* पतरामपुर जसपुर तराई पश्चिमी डिवीजन रामनगर रेज की मांकोनिया बीट के कृपाचार्यपुर में 50 हरेभरे बे कीमती खेर, शीशम के पेड़ों को कतले आम करवाने वाला रेंजर महेश सिंह बिष्ट पर गंभीर आरोप लग रहे हैं, उनकी भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है! तस्कर दिनदहाड़े आरी चलाकर बेखौफ जंगल में हरे पेड़ों का कत्लेआम कर रहे हो जबकि यह सब वारदात रेंजर की नाक के नीचे (तस्कर) *शकुनी* बनकर पासे फेंक हजारों पेड़ों को धराशाई कर रहे हैं!

लकड़ी बाजार में इन पेड़ों की कीमत 40 से 45 लख रुपए आंखें जा रही है यह इतना गंभीर मामला है कि बिना वन विभाग की मिली भगत के संभव ही नहीं है इतने पेड़ों को काटना एक दिन का काम नहीं है जंगल में इतनी बड़ी तस्करी हो जाए और वन विभाग के कर्मचारियों को पता भी ना चले, बिना उच्च अधिकारियों के यह तस्करी संभव ही नहीं है यह भी बताया जा रहा है कि इतने पेड़ों के कटान के बाद उनके खड़े ठूठो को आग लगाकर साक्ष मिटाने के लिए, उन्हें जलाकर नष्ट किया जा रहा है?

सबसे ज्यादा शर्म तब आती है कि अगर कोई गरीब व्यक्ति या महिला चूल्हा जलाने के लिए थोड़ी बहुत लड़कियां लेने जंगल जाती है तो यह बनकर्मी उनकी लड़कियां छीन कर उन्हें जंगल से भगा देते हैं, लेकिन इतनी बड़ी वारदात से भ्रष्टाचार की जड़े बहुत गहरी प्रतीत होती नजर आ रही है जिनके छोटे-छोटे कर्मचारियों से लेकर बड़े अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर शक होना लाजमी है, इनकी जांच होनी चाहिए जो सरकार की नौकरी करते हुए सरकार की संपत्ति को ही लूट करके माल उड़ा रहे हैं?

देखना यह है कि क्या संबंधित अधिकारियों पर कार्यवाही होती है या फिर कोई निम्न वर्ग कर्मचारी ही लपेटे में आता है? यह तो आने वाला समय ही,,,,,,
रामनगर से नरेश चोपड़ा की रिपोर्ट

