रामनगर का सरकारी* *चिकित्सालय अपनी बदहाली पर बहा रहा आंसू*_*रामनगर*

रामनगर से नरेंश चोपड़ा की रिपोर्ट**ब्यूरो हेड नरेश चोपड़ा**रामनगर का सरकारी* *चिकित्सालय अपनी बदहाली पर बहा रहा आंसू*_*रामनगर*/ रामनगर चिकित्सालय की हालत देख चौंक जाएंगे आप, जब इस सरकारी चिकित्सालय की नींव रखी गई उस वक्त रामनगर के लोगों एवं रामनगर के निकटवर्ती गांव के लोगों मे बहुत बड़ी खुशी की लहर थी कि सरकारी अस्पताल बनने से यहां के लोगों को राहत मिलेगी केवल रामनगर शहर या निकटवर्ती गांव ही नहीं बल्कि पहाड़ के लोगों में भी खुशी की लहर देखी जा रही थी, उस समय तक रामनगर सरकारी चिकित्सालय होने की वजह से लोगों का इलाज सही ढंग से होता चला आ रहा था लोगों ने इस सरकारी चिकित्सालय का भरपूर लाभ उठाया! परंतु कुछ सालों बाद ही इस चिकित्सालय पर कुछ नेताओं की गिद्ध भरी दृष्टि ने अपने स्वार्थ को हित में रखते हुए इसे सरकारी अस्पताल की जगह पी,पी मोड पर लाकर खड़ा कर दिया

तब से शुरू हुई इस रामदत्त जोशी सरकारी चिकित्सालय की बदहाली की कहानी! केवल सरकारी चिकित्सालय के नाम पर बिल्डिंग तो वहीं बनी रही किंतु अंदर बैठे छोटे कर्मचारियों से लेकर डॉक्टर नर्स सभी की चांदी बनने शुरू हो गई और अगर गरीब मरीज यहां भर्ती होता भी था उसको बिना देखे ही दूसरे प्राइवेट अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता है, अगर वक्त बे वक्त किसी मरीज को भर्ती करना भी पड़ा या तो उसकी मौत होगी अगर मौत भी नहीं हुई तो बाहर से दवाइयां ला लाकर खुद मैरिज हो जाता, फिर अपने मरीज को अस्पताल से उठाकर अन्य प्राइवेट अस्पतालों में ले जाना पड़ा?*स्वर्गीय रामदत जोशी राजकीय संयुक्त चिकित्सालय* की बदहाली व्यवस्थाओं को लेकर कई वार लोगों तथा सामाजिक संगठनों ने इस चिकित्सालय को पी पी मोड से हटाए जाने बाबत आक्रोश तथा आंदोलन किया, लेकिन नतीजा जीरो ही रहा !इस बार राज्य आंदोलनकारी और उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के *केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रभात ध्यान* के नेतृत्व में विभिन्न संगठनों को साथ लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने सीएमएस डॉक्टर बी के टमटा का घिराव कर स्वास्थ्य सेवाओं में व्यवस्थाओं का आरोप लगाया!केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रभात ध्यानी ने आरोप लगाया कि चिकित्सालय में ना तो समय पर इलाज मिल रहा है ना ही अल्ट्रासाउंड एक्स-रे जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध है, और ना ही दवाइयां उपलब्ध हैं उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शाम होते ही ब्लड बैंक बंद कर दिया जाता है और अस्पताल में अक्सर डॉक्टर भी अनुपस्थित रहते हैं जिससे मरीजों को महंगे निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है या फिर पैसे के अभाव में गरीब मरीज अपनी जान गवा रहे हैं इससे मरीज को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है यदि सुधार नहीं हुआ तो भविष्य में पुरजोर तरीके से आंदोलन किया जाएगा!प्रभात ध्यानी ने आगे कहा कि इस संबंध में स्थानीय विधायक, सांसद, मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और जिलाधिकारी को भी ज्ञापन देकर अवगत कराया जाएगा और इससे पहले भी अनेकों वार या विज्ञापनों द्वारा अवगत करा दिया गया है, ठीक इसके विपरीत अस्पताल के सीएमएस ने कहा कि अस्पताल में दवाइयो की कोई कमी नहीं है और चिकित्सक भी नियमित रूप से ड्यूटी पर उपस्थित रहते हैं!अब देखना यह है कि चिकित्सालय के सीएमएस की बातें ठीक है या फिर आंदोलनकारी संगठन, यह तो आने वाला समय ही बताएगा?*

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