रामनगर/ पीरुमदारा:_ गुमानपुर में सरकारी स्वास्थ्य केंद्र की चरमराती व्यवस्था का अवलोकन करने पहुंची लीड इंडिया की टीम

ब्रेकिंग न्यूज़* पीरुमदारा गुमानपुर सरकारी
अस्पताल मे अव्यवस्थाओं की भरमार_
न्यूज़_
रामनगर/ पीरुमदारा:_ गुमानपुर में सरकारी स्वास्थ्य केंद्र की चरमराती व्यवस्था का अवलोकन करने पहुंची लीड इंडिया की टीम_
लीड इंडिया टीवी के ब्यूरो हेड नरेश चोपड़ा की बातचीत_
जब इंडिया लीड की टीम अस्पताल के औषधि रूम में वहां की औषधि वितरण डॉक्टर ममता शर्मा से मुलाकात करके अस्पताल की बनी बिल्डिंग एवं क्वार्टर्स के बारे में जानकारी लेनी चाहिए पहले तो उन्होंने आनाकानी की, बाद में हमारे बार-बार पूछने पर हमारा नाम उजागर न करने और वीडियो ना बनाने की बात पर सहमति जताते हुए बात करने पर राजी हुई_
हमने पहला सवाल उन पर दागा_ की सरकारी अस्पताल में बने क्वार्टर्स तो बना दिए गए लेकिन सभी रूम में ताले क्यों लटके हुए हैं इनमें स्टाफ क्यों नहीं रहता? उन्होंने बहुत ही नपे तुले शब्दों में कहा कि कर्मचारियों के रहने लायक इन क्वार्टर्स में कोई भी सुविधा पर्याप्त नहीं है और ना ही फोर्थ क्लास कर्मचारी स्वीपर वगैरा की व्यवस्था है! हम तो अपनी ड्यूटी सही समय पर और सही ढंग से कर रहे हैं इससे ज्यादा हम कुछ नहीं कह सकते!
फिर हम नर्सिंग स्टाफ रूम में पहुंचे और पहुंच कर वहां की डिलीवरी इंचार्ज से मुलाकात कर उनसे भी इस सवाल की जानकारी लेनी चाहिए तो उन्होंने भी वही असमर्थता जताते हुए नाम न लेने और वीडियो ना बनने पर आपत्ति जाहिर करते हुए कहा कि रात के समय डिलीवरी होने पर हम आशा कार्यकर्ता के माध्यम से डिलीवरी महिला के लिए व्यवस्था कर डिलीवरी कराई जाती है इससे ज्यादा जानकारी हम आपको नहीं दे सकते हम अपनी ड्यूटी को सही ढंग से कर रहे हैं!
अंत में हम अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी से बात करने उनके रूम में गए उन्होंने भी वही बात दोहराई कि इस संबंध में हमने कई बार उच्च अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर इस बारे में जानकारी उपलब्ध कराई है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से भी हमें कोई संताेजनक उत्तर नहीं मिला तो हम इसके बाद आखिर में हमने बंद पड़े कमरों का अंदर से वीडियो बनाए जाने की बात पर भी उन्होंने कमरों की चाबी किसी अन्य व्यक्ति के पास होने की बात कह कर अपनी बात समाप्त कर दी!
आखिर में हमने अपने कैमरा से अस्पताल की बाहर से कमरों का वीडियो बनाया तथा अस्पताल के मैदान में ऊंची ऊंची झाड़ियां घास तथा गंदगी के ढेरो को दिखाने की कोशिश की है ताकि इस वीडियो को संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में लाया जा सके और कोई ठोस कार्यवाही हो सके?
जब इस अस्पताल की नींव रखी गई उस वक्त आसपास के गांव के ग्रामीण बुद्धिजीवी लोगों द्वारा इस अस्पताल की खूब सरहाना की गई तथा इसे सरकार का उचित निर्णय कहा गया, जब से लेकर अब तक इस अस्पताल की दुर्दशा पहले से भी बदसे बतर हो चुकी है भबनो की दशा अपने आप में अलग इतिहास दोराह रही है क्या पीरुमदारा का विकास इन हालातो में संभव है नहीं, यह सवाल आम लोगों से लीड इंडिया की टीम पूछ रही है
हमारा मकसद सिर्फ इतना है कि जब हमारी सरकार ने सरकारी अस्पतालों पर इतना खर्चा किया है तो यहां की सुविधा भी बेहतर होनी चाहिए और हर गरीब आदमी को इन सुविधाओं का लाभ मिलना चाहिए? हमारी इस रिपोर्टिंग से किसी भी सरकारी कर्मचारी या आम आदमी को ठेस पहुंचाना नहीं बल्कि उन व्यवस्थाओं को उजागर करना है जो केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रह गई है?
रामनगर से नरेश चोपड़ा की रिपोर्ट

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