लीड इंडिया टीवी न्यूज़ | एक्सक्लूसिव इंटरव्यू Conscious Citizen Forum के अध्यक्ष के. कुमार से सीधी और तीखी बातचीत इंटरव्यू : नरेश चोपड़ा, ब्यूरो हेड – Lead India TV News

लीड इंडिया टीवी न्यूज़ | एक्सक्लूसिव इंटरव्यू
Conscious Citizen Forum के अध्यक्ष के. कुमार से सीधी और तीखी बातचीत
इंटरव्यू : नरेश चोपड़ा, ब्यूरो हेड – Lead India TV News
नरेश चोपड़ा (ब्यूरो हेड):
के. कुमार जी, आपने महाराष्ट्र प्रशासन में एक IPS अधिकारी की 12 वर्षों तक ठाणे–नवी मुंबई क्षेत्र में तैनाती को लेकर बड़ा सवाल खड़ा किया है। आखिर यह मुद्दा इतना गंभीर क्यों है?

के. कुमार:
नरेश जी, यह सिर्फ एक अधिकारी की पोस्टिंग का मामला नहीं है, यह लोकतंत्र और प्रशासनिक निष्पक्षता का प्रश्न है। सरकार की ट्रांसफर नीति साफ कहती है कि IPS अधिकारियों का सामान्य कार्यकाल 2 वर्ष होता है। फिर 12 साल तक एक ही भौगोलिक क्षेत्र में कैसे रखा जा सकता है? यह नियमों का खुला उल्लंघन है।
नरेश चोपड़ा:
आप बार-बार कह रहे हैं कि यह लोकतंत्र के लिए खतरा है। क्या यह अतिशयोक्ति नहीं?
के. कुमार (तीखे अंदाज़ में):
बिल्कुल नहीं। जब कोई अधिकारी चुनावी रूप से संवेदनशील इलाके में वर्षों तक प्रभावशाली पदों पर बना रहता है, तो निष्पक्ष चुनाव, निष्पक्ष प्रशासन और जनता के अधिकार—तीनों पर असर पड़ता है। एक ही जगह लंबे समय तक सत्ता का केंद्रीकरण भ्रष्टाचार को जन्म देता है।
नरेश चोपड़ा:
CIDCO में DIG रैंक के लिए विशेष CVO पद बनाए जाने पर भी आपने सवाल उठाए हैं। इसमें आपको क्या आपत्ति है?
के. कुमार:
आपत्ति नहीं, सवाल है। DIG स्तर का अलग से CVO पद किस नियम के तहत बनाया गया? और वह भी उसी क्षेत्र में, जहां पहले से वही अधिकारी वर्षों से तैनात हों। क्या यह सुविधा किसी व्यक्ति विशेष के लिए बनाई गई या प्रशासनिक जरूरत के नाम पर नियमों को मोड़ा गया?
नरेश चोपड़ा:
आपने आय से अधिक संपत्ति की जांच की मांग भी की है। क्या यह सीधा आरोप नहीं है?
के. कुमार:
हम आरोप नहीं लगा रहे, हम जांच की मांग कर रहे हैं। अगर कोई अधिकारी 12 साल तक एक ही क्षेत्र में रहकर बड़े निर्णयों से जुड़ा रहा है, तो संपत्ति और निर्णयों की जांच होना स्वाभाविक है। अगर सब कुछ साफ है, तो जांच से डर क्यों?
नरेश चोपड़ा:
आप राजनीतिक–प्रशासनिक गठजोड़ की बात कर रहे हैं। क्या इसके संकेत मिलते हैं?
के. कुमार:
देखिए, बिना राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण के कोई अधिकारी इतने लंबे समय तक एक ही क्षेत्र में नहीं टिक सकता। हम नाम नहीं ले रहे, लेकिन सिस्टम खुद बहुत कुछ बता रहा है।
नरेश चोपड़ा (तीखा सवाल):
अब चर्चा है कि अगली बदली में भी नवी मुंबई में ही Joint CP (Crime) पद देने की तैयारी है। अगर ऐसा हुआ तो?
के. कुमार:
तो यह सरकार के लिए चेतावनी होगी। इसका मतलब होगा कि जनता की आवाज़ को दबाया जा रहा है। यह केवल एक अधिकारी का मामला नहीं रहेगा, बल्कि पूरी प्रशासनिक व्यवस्था की साख पर सवाल बन जाएगा।
नरेश चोपड़ा:
आपकी सरकार से सीधी मांग क्या है?
के. कुमार:
तीन स्पष्ट मांगें हैं—
अधिकारी की तत्काल ठाणे–नवी मुंबई से बाहर बदली
पूरे मामले की उच्चस्तरीय, स्वतंत्र जांच
संपत्ति, निर्णयों और पोस्टिंग की निष्पक्ष समीक्षा
नरेश चोपड़ा:
अगर सरकार ने इस मुद्दे को नजरअंदाज किया तो Conscious Citizen Forum आगे क्या करेगा?
के. कुमार:
हम पीछे हटने वाले नहीं हैं। हम कानूनी लड़ाई लड़ेंगे, जनता के बीच जाएंगे और जरूरत पड़ी तो न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाएंगे। यह लड़ाई किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ है।
निष्कर्ष (नरेश चोपड़ा):
के. कुमार ने बेहद बेबाकी और तीखे शब्दों में प्रशासनिक अनियमितताओं पर सवाल उठाए हैं।
लीड इंडिया टीवी न्यूज़ इस मुद्दे पर लगातार नजर बनाए रखेगा और जनता से जुड़े हर सवाल को सत्ता के गलियारों तक पहुंचाता रहेगा।
— नरेश चोपड़ा
ब्यूरो हेड, Lead India TV News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *