
📰 आकाश ग्राहक सहकारी संस्था पर गंभीर आरोप, FIR की प्रक्रिया तेज — पुलिस व सहकार विभाग की संयुक्त कार्रवाई मुंबई | विशेष रिपोर्ट ब्यूरो हेड नरेश चोपड़ा
मुंबई के मुलुंड क्षेत्र स्थित आकाश ग्राहक सहकारी संस्था मर्यादित को लेकर गंभीर अनियमितताओं और कथित आर्थिक गड़बड़ियों के मामले में प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर कार्रवाई तेज हो गई है। संस्था के खिलाफ दाखिल शिकायतों के बाद मुलुंड पुलिस स्टेशन, जिला उपनिबंधक (सहकारी संस्था) और सहकार आयुक्त कार्यालय के बीच पत्राचार सामने आया है।

क्या है पूरा मामला कांशस सिटीजन फोरम के प्रतिनिधि श्री के. कुमार द्वारा दिनांक 19/12/2024 को की गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि—मृत व्यक्तियों के नाम पर फर्जी सदस्यता बनाई गई बिना वैध प्रक्रिया के समितियों और सभासदों की नियुक्ति संस्था के कामकाज में गंभीर प्रशासनिक अनियमितताएं सदस्यों के धन से जुड़ा संभावित आर्थिक घोटाला

पुलिस का रुख दिनांक 31/01/2025 को जारी पत्र में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक, मुलुंड पुलिस स्टेशन ने स्पष्ट किया कि—शिकायत में उठाए गए कई मुद्दे सहकार विभाग के अधिकार क्षेत्र में आते हैं इसलिए संबंधित आवेदन को जिला उपनिबंधक, सहकारी संस्था (पूर्व उपनगर, मुंबई) को अग्रेषित किया गया है आगे की वैधानिक कार्रवाई विभागीय रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी
सहकार विभाग की सख्तीइसके बाद महाराष्ट्र शासन के सहकार, पणन व वस्त्रोद्योग विभाग के अंतर्गत—जिला उपनिबंधक (पूर्व उपनगर) ने मामले को गंभीर मानते हुएटी-वॉर्ड, मुलुंड के उपनिबंधक को
👉 प्रशासनिक जांच कर FIR दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए
📄 ताज़ा आदेश (जनवरी 2026)दिनांक 05/01/2026 को जारी अंतिम पत्र में सहकार विभाग ने स्पष्ट कहा है कि—सभी दस्तावेज़ों की गहन जांच की जाएनियमों के उल्लंघन पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई अनिवार्य होगीजांच रिपोर्ट उच्च कार्यालय को सौंपना जरूरी होगा
⚠️ क्यों अहम है यह मामलाविशेषज्ञों के मुताबिक यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो—यह मामला सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा करेगादोषियों पर IPC और सहकार अधिनियम के तहत कार्रवाई संभवकई वर्षों से चल रही कथित गड़बड़ियों का पर्दाफाश हो सकता है
✍️ निष्कर्षआकाश ग्राहक सहकारी संस्था का यह मामला अब केवल शिकायत नहीं, बल्कि प्रशासनिक जांच से होते हुए आपराधिक कार्रवाई की दिशा में बढ़ चुका है। आने वाले दिनों में FIR दर्ज होने और जिम्मेदार पदाधिकारियों पर कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
