
उत्तराखंड अल्मोड़ा के सल्ट क्षेत्र में डबरा ग्राम के स्कूल के प्रांगण में मिली 161 जिलेटिन रॉड,* *देवभूमि उत्तराखंड को दहलाने की साजिश**न्यूज़*_ रामनगर/ उत्तराखंड /अल्मोड़ा जिले के सल्ट क्षेत्र में एक दिल दहलाने की खबर सामने आई, इलाके में हड़कंप मच गया, डबरा राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रांगण में स्कूल के बच्चों को संदिग्ध अवस्था में पड़ी हुई कुछ वस्तुएं दिखाई दी, बच्चों ने इसकी सूचना तुरंत प्रधानाचार्य को दी!

प्रधानाचार्य ने इसकी सूचना तुरंत सल्ट पुलिस चौकी को दी?सल्ट पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संदिग्ध जगह की घेराबंदी कर जगह को सुरक्षित कर दिया! सल्ट के स्कूल में भारी मात्रा में विस्फोटक छुपा कर रखा गया था 161 जिलेटिन स्टिक रॉड स्कूल के प्रांगण की झाड़ियां में छुपा कर रखी गई इस विस्फोटक सामग्री से इलाके में खबर आग तरह फैल गई!

क्या उत्तराखंड मैं कोई बड़ी साजिश को अंजाम दिया जाना था राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सल्ट के परिसर में इतनी बड़ी मात्रा में जिलेटिन स्टिक विस्फोटक सामग्री का मिलना पूरे इलाके में दहसत का माहौल है सरकारी स्कूल में इस विस्फोटक सामग्री मिलने की बात क्यों छुपाई जा रही है यह विस्फोटक सामग्री किसने और क्यों रखी थी क्या उत्तराखंड किसी बड़ी साजिश का शिकार होने वाला था घटना शुक्रवार को सामने आई जब स्कूल के हेड प्रिंसिपल सुभाष सिंह को बच्चों ने स्कूल के परिसर की झाड़ियां में कुछ संदिग्ध वस्तु होने की सूचना दीस्कूल के प्रधानाचार्य ने तुरंत पुलिस विभाग को जानकारी दी सूचना मिलते ही पुलिस के अपर उप निरीक्षक दीवान सिंह बिष्ट और योगेश कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचकर पूरा इलाका घेराबंदी कर सील कर दिया गया

इसके बाद बम निरोधक दस्ते की जांच का रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ घटना इतनी बड़ी थी कि उधम सिंह नगर और नैनीताल के बम निरोध दोस्तों को भी बुलाना पड़ा डॉग्स की मदद से कई घंटे तक तलाशी अभियान चला और फिर सामने आया वह चौंकाने वाला सच, 161 जिलेटिन स्टिक सामग्री बरामद हुई! जिलेटिन स्टिक किसे कहते हैंजिलेटिन स्टिक एक कानूनी विस्फोटक सामग्री होती है जिसे आमतौर पर बड़े-बड़े पहाड़ तोड़ने, खनन (माइंस) पत्थर तोड़ने, सड़क निर्माण, सुरंग टर्मिनल बनाने, पहाड़ तोड़ने के लिए प्रयोग किया जाता है इसका धमाका इतना शक्तिशाली होता है की बड़ी-बड़ी चट्टानें हिल जाती हैं इस वजह से यह विस्फोटक सामग्री गलत हाथों में पढ़ना घातक सिद्ध हो सकता है, इसका इस्तेमाल iED( इंप्रॊवाइजड एक्सप्लोसिव डिवाइस में किया जाता है जिलेटिन के अंदर नाइट्रो गलेसरीनआधारित मिश्रण होता है जो बहुत शक्तिशाली और स्थिर विस्फोटक माना जाता है इसके साथ डेटोनेटर या ब्लास्टिंग टोपी लगाकर धमाका करवाया जाता है यह अपने आप नहीं फड़ता परंतु इसे सही तरीके से सक्रिय कर दिया जाए तो यह बहुत बड़ा धमाका कर सकता है इसका गलत हाथों में पडना सुरक्षा की दृष्टि से बेहद खतरनाक माना जाता है, इससे 40 से 80 तक बम बनाए जा सकते हैं ? इन सभी राडो को निरोधक दस्ते ने एक जगह एकत्रित कर सील कर दिया है इतना ही नहीं है यह साक्ष्य,E Sakshya ऐप पर रिकॉर्ड किया गया है! विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 की धारा 4 का बी एन एस की धारा 288 पर जांच शुरू कर दी है अब सवाल यह है कि इस विस्फोटक सामग्री को स्कूल परिसर में रखने वाला कौन है और इसका इस्तेमाल कहां होने वाला था प्रारंभिक जांच में कुल 161 जिलेटिन स्टिक जप्त करके इसको संदिग्ध सामग्री मानते हुए जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है ?अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है मामले की जांच की जा रही है?
*रामनगर नरेश चोपड़ा की रिपोर्ट*
