गरीबों का अनाज चुराने वाला गिरोह बेनक़ाब! महाराष्ट्र का महाघोटाला उजागरमहाराष्ट्र में गरीब और वंचितों के लिए सरकारी योजना के तहत वितरित होने वाला फोर्टिफाइड चावल बड़े पैमाने पर चोरी, तस्करी और अवैध निर्यात के लिए भेजा जा रहा था

लीड इंडिया टीवी न्यूज नवी मुंबई से लीड इंडिया टीवी हेड की रिपोर्ट :-गरीबों का अनाज चुराने वाला गिरोह बेनक़ाब! महाराष्ट्र का महाघोटाला उजागरमहाराष्ट्र में गरीब और वंचितों के लिए सरकारी योजना के तहत वितरित होने वाला फोर्टिफाइड चावल बड़े पैमाने पर चोरी, तस्करी और अवैध निर्यात के लिए भेजा जा रहा था—ऐसा बड़ा खुलासा सामने आया है।और सबसे गंभीर बात यह है कि इस पूरे रैकेट को कुछ आपूर्ति विभाग अधिकारी और कुछ पुलिस अधिकारी ही संरक्षण दे रहे थे, ऐसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।—1–2 दिसंबर 2025 की घटना — पनवेल में 6 ट्रक पकड़े गए माननीय योगेश आर. कदम को सूचना मिलते ही, उनके निर्देश पर विनोद तुकाराम लाड़े और प्रदीप सुखलाल पाटिल ने तुरंत 112 पर कॉल कर कार्रवाई करवाई और पनवेल क्षेत्र में 6 ट्रक पकड़े गए।

🚛 पकड़े गए ट्रक नंबर—MH10 CR 6613MH DQ 0002KA 63 A 0830KA 63 A 083MH 09 CW 4627MH10 CR 6489सभी ट्रक Ashte Logistics Pvt. Ltd., Panvel (Customs Notified Warehouse) की ओर जा रहे थे।यह स्वयं साबित करता है कि माल को अवैध निर्यात के लिए भेजे जाने का गहरा शक है।—FIR की जानकारी — बेहद गंभीर अनियमितताएँ सामने आईं घटना : नवीन पनवेल पुलिस स्टेशन दर्ज FIR : 0319/2025 लेकिन हैरानी की बात—

▶ FIR दर्ज करने में 17 घंटे की देरी

▶ गंभीर धाराएँ जानबूझकर FIR में शामिल नहीं की गईं—DSO रायगढ़ और फूड विभाग की संदिग्ध भूमिकाDSO सर्जेराव सोनवणे पर आरोप—FIR दर्ज न करने का दबाव खासकर MH DQ 0002 ट्रक को तुरंत छोड़ने का आदेश तस्करों को लंबे समय से संरक्षण देने के गंभीर आरोप फूड इंस्पेक्टर अश्विनी धनवे घटनास्थल पर मौजूद थीं। उन्होंने स्पष्ट बताया कि चावल फोर्टिफाइड है, फिर भी पुलिस ने

❌ न कोई नमूना लिया

❌ न कोई परीक्षण

❌ न चालक से पूछताछ—नवीन पनवेल पुलिस की संदिग्ध कार्यवाही FIR देर से और वह भी कमज़ोर धाराओं में दर्ज IPC 379, 409, 420, 467–471, 120BEssential Commodities Act PDS ActFood Safety ActCustoms Act इनमें से कोई भी गंभीर धाराएँ शामिल नहीं की गईं।सबसे बड़ा अपराध—MH DQ 0002 ट्रक को

❌ बिना कागज़ देखे

❌ बिना जांच

❌ बिना बयान गुपचुप तरीके से छोड़ दिया गया।यह स्पष्ट रूप से संरक्षण का मामला दर्शाता है।—यह सिर्फ घोटाला नहीं — गरीबों के हक़ की लूट हैफोर्टिफाइड चावल PDS / PHH / AAY योजना का हिस्सा है।इसकी निर्यात पूरी तरह प्रतिबंधित है।फिर यह माल कस्टम वेयरहाउस तक क्यों जा रहा था?स्पष्ट है कि सरकारी चावल को विदेश भेजने का संगठित रैकेट सक्रिय है।—आरोपी कौन-कौन?संबंधित ट्रकों के मालिक व्यापारी व बिचौलिये गोदाम / लॉजिस्टिक ऑपरेटर DSO सर्जेराव सोनवणे फूड इंस्पेक्टर अश्विनी धनवे नवीन पनवेल पुलिस स्टेशन प्रभारी गजानन महादेव सभी पर संगठित तस्करी, भ्रष्टाचार और सरकारी अनाज चोरी के आरोप।—जनता की मांग — तुरंत उच्चस्तरीय जांच

✔ SIT / DRI / संयुक्त विशेष पथक से जांच

✔ आरोपी अधिकारियों का निलंबन + फौजदारी कार्रवाई

✔ बरामद चावल की फॉरेंसिक जांच

✔ आरोपी अधिकारियों और तस्करों के आर्थिक लेन-देन की जांच

✔ MH DQ 0002 ट्रक को छोड़ने के फैसले की स्वतंत्र जांच

✔ Customs + DRI जांच अनिवार्य—निष्कर्षयह गिरोह सिर्फ अनाज नहीं चुरा रहा—यह गरीबों के अधिकारों की लूट, प्रशासनिक भ्रष्टाचार और राष्ट्रहित के विरुद्ध संचालित तस्करी है।महाराष्ट्र सरकार और केंद्र सरकार को तुरंत सख़्त, निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई करनी चाहिए

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