बारामती विमान हादसा: कर्तव्य निभाते हुए बुझ गईं चार ज़िंदगियाँ अनुभवी पायलट, युवा को-पायलट, फ्लाइट अटेंडेंट और सुरक्षा अधिकारी की दर्दनाक मौत

बारामती/मुंबई: ब्यूरो हेड नरेश चौपड़
महाराष्ट्र के बारामती में हुए दर्दनाक विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दुर्घटना में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के साथ-साथ चार ऐसे लोग भी काल के गाल में समा गए, जो सिर्फ अपना कर्तव्य निभा रहे थे। ये चारों नाम आज सिर्फ खबर नहीं, बल्कि टूटी हुई उम्मीदों और उजड़े परिवारों की कहानी हैं।

कैप्टन सुमित कपूर – अनुभव की उड़ान यहीं थम गई
Learjet विमान के मुख्य पायलट कैप्टन सुमित कपूर एक अत्यंत अनुभवी एविएटर थे।
हज़ारों उड़ान घंटे और कई वीआईपी मिशन पूरे कर चुके सुमित कपूर को एक भरोसेमंद पायलट के रूप में जाना जाता था।
हादसे के वक्त उन्होंने आख़िरी क्षण तक विमान को संभालने की कोशिश की, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंज़ूर था। उनके निधन से एविएशन जगत को गहरा झटका लगा है।

कैप्टन सांभवी पाठक – सपनों की ऊँची उड़ान अधूरी रह गई महज़ 25 वर्ष की उम्र में कैप्टन सांभवी पाठक देश की उभरती महिला पायलटों में गिनी जाती थीं।
एयरफोर्स पायलट की बेटी सांभवी ने कम उम्र में ही को-पायलट की ज़िम्मेदारी संभाल ली थी।
उड़ान से पहले परिवार को भेजा गया उनका “गुड मॉर्निंग” संदेश अब उनकी आख़िरी याद बन गया है।
उनकी मौत ने यह सवाल छोड़ दिया है कि कितने सपने एक झटके में खत्म हो जाते हैं।

पिंकी माली – मुस्कान के साथ सेवा, लेकिन वापसी नहीं
फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली अपने परिवार की उम्मीद थीं।

मुंबई में काम कर रहीं पिंकी ने हादसे से कुछ घंटे पहले अपने पिता से बात कर कहा था—
“पापा, आज अजित दादा के साथ उड़ान है, लौटकर बात करूंगी।”
लेकिन वह कॉल ही उनकी आख़िरी बातचीत बन गई।
उनकी मौत से परिवार ही नहीं, पूरा गांव शोक में डूबा हुआ है।
विदीप जाधव – सुरक्षा करते-करते जान गंवा दी
उपमुख्यमंत्री के निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO) विदीप जाधव हमेशा की तरह अपने कर्तव्य पर तैनात थे।
सुबह घर से ड्यूटी के लिए निकले विदीप वापस कभी नहीं लौटे।
एक जिम्मेदार अधिकारी, एक परिवार का सहारा — सब कुछ एक पल में खत्म हो गया।

देश शोक में, सवाल हवा में
इस हादसे ने यह साफ कर दिया कि वीआईपी यात्रा में दिखने वाली चमक के पीछे कई गुमनाम चेहरे होते हैं, जो हर दिन जोखिम उठाकर दूसरों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करते हैं।
आज वही चेहरे श्रद्धांजलि की तस्वीरों में सिमट गए हैं।
राज्य और केंद्र सरकार ने चारों दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी है और परिजनों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। वहीं, हादसे की जांच जारी है।

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