
लीड इंडिया टीवी ब्यूरो हेड नरेश चोपड़ा की रिपोर्ट
भारत में कुछ मुस्लिम संगठनों ने ईरान के समर्थन में उठाई आवाज
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े युद्ध जैसे हालात को लेकर दुनिया भर में प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं। भारत में भी कुछ मुस्लिम संगठनों और धार्मिक नेताओं ने ईरान के प्रति समर्थन और सहानुभूति जताई है, हालांकि साथ ही कई लोगों ने शांति और कूटनीतिक समाधान की अपील भी की है।
रिपोर्टों के अनुसार, भारत के कुछ शहरों में धार्मिक नेताओं और सामाजिक संगठनों ने बयान जारी कर कहा कि किसी भी देश पर बाहरी सैन्य हमला अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है और इसका समाधान युद्ध नहीं बल्कि बातचीत से होना चाहिए। कुछ शिया धर्मगुरुओं ने संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक शक्तियों से हस्तक्षेप कर संघर्ष को रोकने की मांग की है।

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत के मुस्लिम समुदाय की राय एक जैसी नहीं है। कुछ लोग धार्मिक और वैचारिक कारणों से ईरान के प्रति सहानुभूति जताते हैं, जबकि बड़ी संख्या में भारतीय मुसलमान और अन्य नागरिक युद्ध के बजाय शांति और स्थिरता का समर्थन करते हैं।
भारत सरकार ने हमेशा यह रुख रखा है कि अंतरराष्ट्रीय विवादों का समाधान कूटनीति और संवाद के जरिए होना चाहिए। भारत का आधिकारिक रुख भी यही है कि पश्चिम एशिया में शांति बनी रहे और किसी भी तरह के युद्ध से बचा जाए।
विश्लेषकों के अनुसार, भारत जैसे बहु-धार्मिक और लोकतांत्रिक देश में विदेशी संघर्षों पर लोगों की राय अलग-अलग हो सकती है, लेकिन देश की प्राथमिकता हमेशा राष्ट्रीय हित और क्षेत्रीय शांति रही है।
