महाराष्ट्र प्रशासन में चौंकाने वाला सच12 वर्षों तक एक ही क्षेत्र में IPS अधिकारी की तैनाती पर उठे गंभीर सवाल

मुंबई / नवी मुंबई | विशेष रिपोर्ट

महाराष्ट्र प्रशासन में एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मुद्दा सामने आया है। ठाणे–नवी मुंबई जैसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्र में एक IPS अधिकारी को लगातार लगभग 12 वर्षों तक अलग-अलग पदों पर, लेकिन एक ही भौगोलिक क्षेत्र में तैनात रखा जाना, शासन के ही घोषित ट्रांसफर नीति पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

सरकार की स्पष्ट नीति के अनुसार, IPS अधिकारियों का सामान्य कार्यकाल 2 वर्ष का होता है। अपवाद स्वरूप कुछ परिस्थितियों में ही किसी अधिकारी को लंबे समय तक एक ही जिले या क्षेत्र में रखा जा सकता है। इसके बावजूद श्री सुरेश कुमार सेव्हलराम मेंगडे (IPS, DIGP) ने
DCP → SP → DIG → CIDCO CVO जैसे पदों पर रहते हुए नवी मुंबई–ठाणे क्षेत्र में लगातार 12 वर्षों का कार्यकाल पूरा किया है।

उठते हैं कई गंभीर प्रश्न

सर्जन कांशियस फोरम के अध्यक्ष ने सरकार के समक्ष इस पूरे मामले को उजागर करते हुए कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं—

DIG रैंक के लिए खास तौर पर CIDCO में CVO पद का सृजन कर उसी क्षेत्र में बनाए रखने की जरूरत क्यों पड़ी?

क्या CIDCO और पुलिस-प्रशासन में भ्रष्टाचार के बढ़ते मामलों का इससे कोई संबंध है?

आय से अधिक संपत्ति की जांच अब तक क्यों नहीं हुई?

इसके पीछे राजनीतिक-प्रशासनिक गठजोड़ किसका है?

चुनाव के समय ऐसे अधिकारियों की एक ही क्षेत्र में लंबी पोस्टिंग लोकतंत्र के लिए खतरा नहीं है क्या?

नई चर्चा ने बढ़ाई चिंता

अब प्रशासनिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि अगली बदली में भी उक्त अधिकारी को नवी मुंबई में ही Joint CP (Crime) जैसे प्रभावशाली पद पर नियुक्त करने की तैयारी चल रही है। यदि ऐसा होता है, तो यह केवल एक अधिकारी का मामला नहीं रहेगा, बल्कि पूरी प्रशासनिक व्यवस्था की विश्वसनीयता की परीक्षा बन जाएगा।

फोरम की मांग

सर्जन कांशियस फोरम ने
मा. मुख्यमंत्री, गृह विभाग, पुलिस महासंचालक और चुनाव आयोग से मांग की है कि—

पूरे मामले की तत्काल उच्चस्तरीय जांच कराई जाए

अधिकारी की ठाणे–नवी मुंबई से बाहर बदली की जाए

संपत्ति, निर्णयों और पोस्टिंग से जुड़े सभी पहलुओं की स्वतंत्र जांच हो

लोकतंत्र में चेतावनी

फोरम का स्पष्ट कहना है—
“लोकतंत्र में एक ही स्थान पर 12 वर्षों तक सत्ता का केंद्रीकरण = भ्रष्टाचार का बड़ा खतरा।”

लीड इंडिया टीवी न्यूज इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और जनहित से जुड़े इस मुद्दे को सरकार और जनता के सामने मजबूती से रखता रहेगा।

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