
लीड इंडिया टीवी न्यूज ब्यूरो हेड नरेश चोपड़ा की बॉलीवुड से खाश रिपोर्ट इंप्पा द्वारा उठाए सक्रियता को उनके सभी निर्माताओं को ईमेल द्वारा पत्र भेज कर सूचित किया गया है उसी आधार पर इस न्यूज़ को प्रकाशन किया जा रहा है
सरकार से कड़ी कानूनी कार्रवाई, जुर्माना, जेल और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध की माँग
भारतीय सिनेमा के जनक स्वर्गीय दादा साहेब फाल्के जी का नाम अब लगातार व्यावसायिक शोषण, भ्रम फैलाने और निजी लाभ के लिए दुरुपयोग किया जा रहा है। इस गंभीर मुद्दे पर अब इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स’ एसोसिएशन (IMPPA) ने निर्णायक कदम उठाते हुए एक कड़ा आधिकारिक बयान जारी किया है।
IMPPA को दादा साहेब फाल्के जी के पौत्र श्री चंद्रशेखर फुलसाकर द्वारा शिकायत प्राप्त हुई है, जिसमें कहा गया है कि कुछ संस्थाएं और कंपनियाँ बिना परिवार की अनुमति “दादा साहेब फाल्के पुरस्कार” नाम का सीधा दुरुपयोग कर रही हैं।

ये सभी अवॉर्ड पूरी तरह अवैध—लीड इंडिया टीवी ने सूची जारी की
निम्नलिखित अवॉर्ड का भारत सरकार, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय या फाल्के परिवार से कोई संबंध नहीं है:
- Dadasaheb Phalke International Film Festival Awards
- Dadasaheb Phalke Icon Award Films
- Dadasaheb Phalke Film Foundation Awards
- Dadasaheb Phalke Excellence Awards
- Dadasaheb Phalke Golden Awards
- Dadasaheb Phalke Global Icon Awards
- Bharat Ratna Dr. Dadasaheb Phalke Award
- Dadasaheb Phalke National Award
- Dadasaheb Phalke Film Excellence Award
लीड इंडिया टीवी ने जब जांच परख किया और स्पष्ट किया है कि इनमें से कोई भी पुरस्कार सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं है। ये अवॉर्ड जनता को धोखे में रखकर व्यवसायिक कमाई के लिए बनाए गए फर्जी कार्यक्रम हैं।
- लीड इंडिया टीवी का सरकार से जोरदार अनुरोध:
- सभी फर्जी अवॉर्ड आयोजकों पर तुरंत FIR दर्ज की जाए
- ट्रेडमार्क उल्लंघन (Trademark Violation)
- धोखाधड़ी (IPC 420)
- प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाना (Defamation)
- अवैध व्यावसायिक लाभ (Misrepresentation)
इन सभी धाराओं के तहत जेल + भारी जुर्माना लगाया जाए।
- सोशल मीडिया और YouTube पर कार्रवाई
लीड इंडिया टीवी ने भारत सरकार और IT मंत्रालय से अपील की है कि— YouTube, Facebook, Instagram, Twitter (X) पर मौजूद सभी फर्जी अवॉर्ड शो की वीडियो, फोटो, प्रमोशनल क्लिप, सम्मान समारोह को तुरंत हटाया जाए ताकि भारतीय सिनेमा के सम्मान और दादा साहेब फाल्के जी की विरासत पर आंच न आए।
- इन फर्जी अवॉर्ड में पुरस्कार लेने वालों पर भी कानूनी कार्रवाई हो
लीड इंडिया टीवी के संस्थापक सुरेन्द्र बी श्रीवास्तव ने कहा है कि— जो भी सेलिब्रिटी, यूट्यूबर, मॉडल, इन्फ्लुएंसर या कलाकार इन अवैध अवॉर्डों से “सम्मान” स्वीकार करते हैं, वे भी अवैध गतिविधि का हिस्सा माने जाएंगे। उन पर भी कानूनी कार्रवाई, जांच और दंड लागू होना चाहिए।
- अदालत से Stay Order की तैयारी
IMPPA और फाल्के परिवार अदालत में याचिका दायर कर सकते हैं ताकि— ऐसे सभी फर्जी अवॉर्ड शो पर तुरंत रोक (Stay Order) लगे, इन आयोजकों पर पाबंदी, और अवैध कमाई की जांच हो सके। IMPPA की अंतिम चेतावनी “दादा साहेब फाल्के जी के नाम का दुरुपयोग अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह भारतीय सिनेमा की विरासत और सम्मान से सीधा खिलवाड़ है। किसी भी आयोजन, प्रचार, पुरस्कार, समारोह या वीडियो में उनका नाम उपयोग करने से पहले परिवार की लिखित अनुमति अनिवार्य है, अन्यथा कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
