
भारत में सुप्रीम कोर्ट के नए चीफ जस्टिस.(CJI) सूर्यकांत ने संभाला पदभार
सोमवार 24 नवंबर 2025 को भारत के नए चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत 53 चीफ जस्टिस के तौर पर शपथ लेंगे भारत के 53 न्यायाधीश श्री सूर्यकांत 24 दिसंबर 2025 से 9 फरवरी 2027 तक लगभग 15 महीने देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट का नेतृत्व करेंगे! देश के सबसे बड़े जुडिशल ऑफिस का चार्ज संभालने से पहले चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआइ) जस्टिस सूर्यकांत ने शनिवार को कहा कि मेरा फोकस अदालतों में पेंडिंग पड़े मुकदमों की संख्या को कम करना है, सुप्रीम कोर्ट में उन मामलों का निपटारा करना है जो हाई कोर्ट में लास्ट स्टेज पर है जस्टिस सूर्यकांत ने मेडिएशन को भी एक गेम चेंजर कहा कि यह लिटिगेटस को कोर्ट के बाहर तेजी से सेटलमेंट दिला सकता है अगर पेंडिंग तथा लिटिगेशन केस मेडिएशन से सुलझाए जाते हैं तो कोर्ट पर पढ़ने वाला वोझ काफी कम हो जाएगा!

कई जरूरी केस 5, 7 या 9 जजों की कांस्टीट्यूटेशनल बेंच को भेजे गए हैं, हाई कोर्ट तथा सुप्रीम कोर्ट भी दूसरे केस नहीं देख पा रहे हैं हजारों मामले इन बड़ी बैंचो के फैसलों की राह का इंतजार करते हुए लंबित पड़े हुए हैं, इस काम में कुछ समय जरूर लग सकता है लिस्टिंग की व्यवस्था इतनी अच्छी होगी सब इसका स्वागत करेंगे!
वर्तमान में भारतीय परंपराओं, समाज के मूल्यांकन को दिखाने के लिए इन तरीकों को बदलने और उन्हें देसी बनाना अत्यंत आवश्यक है भारतीय न्यायपालिका को कोलोरियल विरासत से अधिक भारतीय संस्था में बदलने के लिए कई तरह के नियमों की जरूरत है जो कानूनी सिस्टम के स्ट्रक्चरल प्रोसीजरल और कल्चरल बिंदुओं पर ध्यान देना आवश्यक है!
जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा हटाने वाले अनुच्छेद 370 को हटाने पैगासस स्पाइवेयर, बिहार मतदाता सूची संशोधन जैसे कई मामलों और आदेशों का हिस्सा बनेंगे इसके अलावा जुडिशल अपाइमेंटस की प्रक्रिया को सरल बनाने, सीमा समय के अंदर अदालतों में पड़े मुकदमो को निपटाने से कालोसियल दौर की अस्पष्टता का मुकाबला किया जा सकेगा, अदालतो में लंबे समय से पड़े मामलों को समय से निपटाने की प्रक्रिया को लागू करना होगा ?
रामनगर से नरेश चोपड़ा की रिपोर्ट
