
*ब्रेकिंग न्यूज़*__*वन भूमि पर बनी बस्ती को अतिक्रमण से मुक्त कराने की तैयारी* *,ग्रामीणों में भय एवं रोष व्याप्त*__*रामनगर*/_ रामनगर की नई बस्ती पुछडी में वन विभाग की भूमि में बनी बस्ती को अतिक्रमण से मुक्त कराए जाने की तैयारी प्रशासन ने कर ली है! प्रशासन का दावा है कि यह बस्ती वन विभाग की भूमि पर बनाई गई है

जिस पर वन विभाग का हक है दूसरी ओर बस्ती में रहने वालों का कहना है कि हम 40_ 50 साल से इस बस्ती में रह रहे हैं अगर यह जमीन वन विभाग की थी तो उस समय वन विभाग कहां सो रहा था जब वन विभाग की भूमि को भू माफियो द्वारा लोगों को आवंटित किया जा रहा था?उस समय के संबंधित अधिकारी कहां सो रहे थे क्या उनके बिना मिली भगत से इस जमीन पर बस्ती बनाई गई, जल विभाग, बिजली विभाग, भी उतना ही जिम्मेवार है

जितना की वन विभाग, जिन लोगों ने अपनी जिंदगी की सारी पूंजी जमीन खरीद कर मकान बनाने में लगा दी उन लोगों के घरों को गिराया जा रहा है लोग जाए तो जाए कहां किससे फरियाद करें प्रशासन के लोग सुनने को तैयार नहीं इन्हीं वजह से बस्ती के गरीब लोगों में रोष व्याप्त है और वह इसका विरोध कर रहे हैं !ग्रामीणों ने बैठक का आयोजन कर वन विभाग की इस कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि प्रशासन को बस्ती उजाड़ने से पहले बस्ती वसाने की जगह तय करनी चाहिए कि इन बेघर लोगों को इस जाडे के मौसम में पुनर्वास की व्यवस्था कहां की जानी चाहिए?ग्रामीणों ने कहा है

कि प्रशासन पहले पुनर्वास की योजनाएं बनाएं उसके बाद ही उन्हें यहां से हटाया जाए, ग्रामीणों ने इस मामले में शनिवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन देकर अवगत कराया है लेकिन प्रशासन पर इसका कोई असर नहीं दिखाई दे रहा है प्रशासन ने तो फॉरेस्ट भूमि से अतिक्रमण हटाने की कमर कस ली है सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था की दृष्टि से पुलिस विभाग अपनी तैयारी कर चुका है बताया जा रहा है कि कल यानी 7 दिसंबर को अतिक्रमण की कार्रवाई को अंजाम दिया जाना है?*रामनगर से नरेश चोपड़ा की रिपोर्ट*
