
रामनगर आज 10 दिसंबर को लीड इंडिया की टीम पूछडी गांव में उस जगह पहुंची जहां वन विभाग ने पूछडी गांव की बस्ती पर जेसीबी चला कर अतिक्रमण के नाम पर उजाड़ दिया गया था! लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में, तुम तरस नहीं खाते बस्तियां गिराने में
आज जहां हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं महिलाओं के विकास एवं उत्थान की योजनाएं बनाकर महिलाओं को बराबरी का दर्जा देने की बात करते हैं, गरीब महिलाओं के लिए रोजगार की बात की जाती है वहीं दूसरी ओर आर्थिक एवं समस्याओं से जूझ रहे गरीब परिवार की महिलाओं के घरों को तोड़कर उजाडा जा रहा है, चुनाव में बड़े-बड़े वादे करने वाले नेता कहां सोए हुए हैं क्या गरीब केवल बोट के लिए ही इस्तेमाल किया जाता रहेगा कहां है वह बीजेपी के नेता जिनके कार्यकाल में इनका आधार कार्ड, वोटर कार्ड, राशन कार्ड, बनाकर इनको यहां विस्थापित किया गया था?

देखने वाली बात यह है कि जब आज लीड इंडिया टीवी के ब्यूरो हैड नरेश चोपड़ा ने उनके दर्द को जानने की कोशिश की तो उन्होंने दुखते दिल से अपनी जिंदगी भर की मेहनत से बनाए गए उन टूटे घरों एवं उजडी बस्ती की ओर देखते हुए कहा कि 60 से 70 साल हमें यहां रहते हुए हो गए, हमें सरकार द्वारा सभी चीज मुहैया कराई गई हमारे राशन कार्ड हमारे आधार कार्ड हमारे बोटर कार्ड तक बनवा दिए गए, जब भू माफिया वन विभाग कि इस भूमि को 10-10 रुपए के सरकारी स्टांप पर लोगों को बेच रहे थे उस वक्त तो वन विभाग, बिजली विभाग, और जल विभाग ने किसी प्रकार की कोई आपत्ति नहीं की! यहां तक कि हमें बिजली के कनेक्शन और जल विभाग ने पानी के कनेक्शन भी मुहिया करा दिए !

हमारे पास इन सभी चीजों के पक्के बिल भी हैं हमारा कहना है कि यह सभी विभाग भी उतने ही जिम्मेवार है जितने की भूमिया, इन जिम्मेवार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी या नहीं यह तो हम नहीं जानते लेकिन यह सभी विभागों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए?
न्यूड इंडिया टीवी सरकार की इस कार्रवाई को उचित या अनुचित नहीं ठहराता सिर्फ इतना ही कहना है कि इस बस्ती को उजाड़ने से पहले लोगों को पुनर्वास की व्यवस्था करनी चाहिए थी यह उनका मानवीय अधिकार भी बनता है?

रामनगर से नरेश चोपड़ा की रिपोर्ट
