कथा महाभारत_ पांडवों का अज्ञातवास हमारे सनातन की नींव धर्म पर टिकी है अधर्मी कितना ही शक्तिशाली हो, जीत धर्म की होती है!

कथा महाभारत_ पांडवों का अज्ञातवासहमारे सनातन की नींव धर्म पर टिकी है अधर्मी कितना ही शक्तिशाली हो, जीत धर्म की होती है! महाभारत काल के युद्ध में अपनों ने अपनों का वध किया, उन दृश्यों को देखकर रूह कॉप जाती है, उस युग में भी भाई ने भाइयों के हक्को का हनन करके सुई की एक लोक के बराबर भी संपत्ति नहीं दी! जनाब_ अब तो कलयुग है
उस युग की कही सारी बातें इस कलयुग में सत्य हो रही है_
समय था पांडवों के अज्ञातवास का आखिरी वक्त_ पांचो पांडव द्रोपदी सहित अज्ञातवास मे छुप छुप कर जंगल जंगल भटक रहे थे ठीक उसी समय
शनि देव की, आकाश मार्ग से पांडवों पर नजर पड़ी! शनिदेव के मन में विचार आया कि इन भाइयों में बुद्धिमान कौन है परीक्षा लेनी चाहिए_
तभी शनिदेव ने माया द्वारा एक महल बनाया, कई योजन की दूरी में उस महल के चार द्वार बनाए गए_ पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण!
तभी उसे जंगल में बने महल पर अचानक भीम की नजर पड़ी, उसका मन जिज्ञासा बस महल को देखने के लिए आतुर हुआ_

भाई युधिष्ठिर से बोले ,”भैया मुझे महल देखना है” भाई युधिष्ठिर ने उन्हें अनुमति दे दी_
भीम जब महल के द्वार पर पहुंचा तो वहा शनि देव दरबान के रूप में खड़े थे!
भीम ने शनि रूप में खड़े दरबान से कहा” मुझे महल देखना है” शनि देव ने कहा महल की कुछ शर्ते हैं_
१_ महल में चार दरवाजे हैं आप एक ही दरवाजे से देख सकते हैं?
2_ महल में जो कुछ देखोगे उसकी विस्तार सहित बाहर आकर व्याख्या करोगे?
अगर व्याख्या ना कर सके तो कैद कर लिए जाओगे!
भीम ने सभी शर्तों सहित पूर्व दरवाजे से प्रवेश किया, वहां जाकर देखता है कि तीन कुऐ हैं अगल-बगल में दो छोटे कुए और बीच में एक बड़ा कुआ_
बीच वाले बड़े कुएं में पानी का उफान आता है और दोनों छोटे खाली कुओ को पानी से भर देता है फिर कुछ समय बाद छोटे दोनों कुओ में उफान आता है तो खाली पड़े बडे कुएं का पानी आधा रह जाता है, इस दृश्य को भी कई बार भीम देखते रहे पर समझ नहीं आया, लौटकर दरवान के पास आते हैं_
दरबान ने कहा क्या देखा आपने_
भीम ने कहा महाशय मैं पेड़, पौधे, पशु, पक्षी देखें वह पहले मैंने कभी नहीं देखे थे एक बात समझ नहीं आई छोटे कुऐ पानी से भर जाते हैं बडा क्यों नहीं भर पाता! यह मेरी समझ में नहीं आया_
दरबान बोला आप शर्त के अनुसार बंदी हो गए हैं ,और उन्हें वही बंदी घर में बैठा दिया गया?
फिर अर्जुन आया बोला_ मुझे भी महल देखना है,,
दरबान ने शर्त बता दी_ अर्जुन ने पश्चिम वाले द्वार की तरफ से प्रवेश किया गया_
आगे जाकर अर्जुन ने देखा एक खेत में दो फसल उगी है एक तरफ बाजरा और दूसरी तरफ मक्का की फसल_
बाजरे के पौधे से मक्का तथा मक्का के पौधे से बाजरा निकल रही है अजीब लगा कुछ समझ में नहीं आया, वापस द्वार पर आ गया?
दरबान ने पूछा क्या देखा?_ अर्जुन ने कहा महाशय सब कुछ देखा और बाजरे और मक्का की बात समझ में नहीं आई_
शनि देव ने शर्त के अनुसार उन्हें भी बंदी बना दिया?
अब नकुल आया बोला_
मुझे महल देखना है!
फिर उसने उत्तर दिशा से प्रवेश किया_ वहां उसने देखा की बहुत सारी सफेद गाय जब
उनको भूख लगती है तो अपनी छोटी बच्चछीयों का दूध पी लेती हैं?
उसे भी कुछ समझ में नहीं आया! दरवान ने पूछा क्या देखा” नकुल ने बोला महाशय गाय बछियो का दूध पी रही है यह समझ नहीं आया” तब उसे भी बंदी बना लिया गया? तब सहदेव आया_ मुझे महल देखना है? वह दक्षिण द्वार की ओर गया_ अंतिम कोना देखने पर क्या देखा है कि वहा पर एक सोने की बड़ी शिला एक चांदी के सिक्के पर टिकी है डगमगाने डोलने पर भी नहीं गिर रही, वैसी ही रहती है समझ नहीं आया? बह भी द्वार पर आया
सोने की शिला की बात समझ में नहीं आई तब वह भी बंदी हो गया? जब चारों भाई बहुत देर तक वापस नहीं आए तब युधिष्ठिर को चिंता हुई_
तब द्रौपदी सहित युधिष्ठिर महल में गए_
वहां खड़े दरवान से युधिष्ठिर ने भाइयों के बारे में पूछा, तब दरवान ने बताया कि शर्त के मुताबिक आपके सभी भाई बंदी है?
युधिष्ठिर बोले_ भीम तुमने क्या देखा?
भीम ने कुएं के बारे में बताया_
तब युधिष्ठिर ने कहा यह सब दृश्य कलयुग में अपना रंग दिखाएंगे_ एक बाप दो बेटों का पेट भर देगा, परंतु दो बेटे मिलकर एक बाप का पेट नहीं भर पाएंगे,
भीम को छोड़ दिया_ अर्जुन से पूछा तुमने क्या देखा_ यह सब कलयुग में होने वाला है_ वंश परिवर्तन_ अर्थात ब्राह्मण के घर शुद्ध की लड़की और शुद्र के घर बनिये की लड़की ब्याही जाएगी?
अर्जुन भी छूट गया, नकुल से पूछा तुमने क्या देखा उसने गायों का किसा बताया_
तभी युधिष्ठिर ने कहा कलयुग में माताऐ अपनी बेटियों के घर में पलेगी, बेटी का अन खाएंगी और बेटे सेवा नहीं करेंगे ?
तब नकुल भी छूट गया_
सहदेव से पूछा_ तुमने क्या देखा, उसने सोने की शिला का वृतांत बताया_
तभी युधिष्ठिर बोले पाप धर्म को दबाता रहेगा, पाप अपने उच शिखर पर बैठकर राज्य करेगा, किंतु धर्म फिर भी जिंदा रहेगा, खत्म नहीं होगा, जीत धर्म की ही होगी, परंतु जब तक धर्म उभर कर आएगा तब तक पाप इंसान का सर्वस्व खत्म कर चुका होगा?
सारी बातें इस कलयुग में सच साबित हो रही है आपका क्या विचार है पोस्ट को लाइक सब्सक्राइब और शेयर करके पूर्ण के भागीदार बने?
आपका अपना नरेश चोपड़ा लीड इंडिया टीवी ब्यूरो हेड
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