
यह कहानी है बिजनौर की मुस्लिम महिला की_ कहते हैं कि मजहब भला जुदा जुदा हो लेकिन ईश्वर तो एक ही है जिनकी आस्था जहां लग जाए राम रहीम उसे वही प्राप्त हो जाया करते है _ ऊपर वाला भी सबकी मुरादे कबूल कर ही लेता है_ इससे पहले भी अनेकों ऐसे उदाहरण है जैसे रसखान ने कृष्ण पर आस्था रखी, कबीर ने राम पर , अकबर ने शेरावाली मां पर इन सभी श्रद्धा रखने वालों पर ईश्वर ने अपनी कृपा की_ आज बुर्का पहने हमारी बहन उत्तर प्रदेश के बिजनौर की तमन्ना कावड़ यात्रा में हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर *कालों के काल महाकाल* का जल अभिषेक करके यह साबित कर रही है कि इंसान कितना ही भेदभाव करें लेकिन ईश्वर तो एक ही है! कावड़ यात्रा में शामिल होकर मुस्लिम महिला भला ही चर्चा का विषय बन चुकी हो लेकिन तमन्ना की भोलेनाथ पर आस्था को देखा जा सकता है, वही हमारे हिंदू संगठन और पुलिस प्रशासन ने उस मुस्लिम महिला को सुरक्षा के घेरे में लेकर उसके साथ-साथ चल रहे हैं ताकि उसे किसी प्रकार की आंच ना आने पाये! लोक पुष्प वर्षा कर उसका स्वागत भी कर रहे हैंयही सत्य सनातन की परंपरा है जहां हर मजहब की महिला को सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है, कावड़ यात्रा में उनके साथ 100 से ज्यादा भक्तगणों के बीच तमन्ना अपने कंधे पर कावड़ रखकर चल रही है, उसकी इस आस्था से लोग उसकी सराहना भी कर रहे हैं, वहीं कुछ वर्ग के लोग तमन्ना की कावड़ यात्रा से परेशानी भी महसूस कर रहे हैं?दरअसल तमन्ना नामक युबती ने हिंदू युवक अमन त्यागी से लव मैरिज की थी शादी घर वालों की मर्जी से हुई शादी के बाद तमन्ना को तुलसी नाम दिया गया उनके दो बच्चे भी है कई वर्ष पहले उनके द्वारा मन्नत मांगी गई थी जो पूरी हुई उसके चलते वह कावड़ यात्रा लेने इस बार हरिद्वार आई है वह श्रद्धा भाव से भोलेनाथ का जल अभिषेक करेंगी?*रामनगर से नरेश चोपड़ा की रिपोर्ट*
