
समुद्री माफिया की वापसी! रायगढ़–मुंबई बेल्ट में डीज़ल स्मगलिंग फिर बेलगामरायगढ़ और मुंबई के समुद्री क्षेत्र में डीज़ल माफिया फिर सक्रिय हो गए हैं। नई एसपी आंचल दलाल के सख्त एक्शन के बाद कुछ दिनों तक तस्करी बंद रही — लेकिन तस्करों ने सिस्टम में सेंध लगा ली।सूत्र बताते हैं कि तस्करों ने रेड करने वाली टीम के लोगों को ही पैसे से अपने पक्ष में कर लिया, और रेड होने से पहले ही जानकारी पहुँचाई जा रही थी।ये सिर्फ डीज़ल तस्करी नहीं — सिस्टम और समुद्री सुरक्षा पर हमला है। कस्टम की बड़ी कार्रवाई — कैश और डीज़ल जब्त 28 अक्टूबर | रायगढ़ जिला कस्टम ने दो नावों को पकड़ा: ₹26 लाख कैशकरीब 12,000 लीटर तस्करी का डीज़ल अभी तक कस्टम ने आरोपियों के नाम नहीं बताए हैं,लेकिन विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि इस पूरे खेल में वही डीज़ल सरगना शामिल है जिस पर पहले से MCOCA की कार्रवाई चल रही है।यानी अपराध रुका नहीं — बस रणनीति बदली गई।कांशियस सिटिजन फोरम का तीखा सवाल
कांशियस सिटिजन फोरम के अध्यक्ष K. Kumar ने प्रशासन पर बड़ा सवाल उठाते हुए कहा “समुद्र माफिया हर बार कानून से आगे कैसे निकल जाता है?कड़ा एक्शन होता है, कुछ दिन शांति — और फिर वही तस्करी, वही नेटवर्क!सिस्टम में दरार कहाँ है?”उन्होंने कहा ये सिर्फ आर्थिक अपराध नहीं —ये राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा से खिलवाड़ है।एक्शन की माँगजनप्रतिनिधि व नागरिक मंच की माँग:
1) जांच क्राइम ब्रांच / कोस्टल इंटेलिजेंस यूनिट को दी जाए
2)तस्कर सरगना पर दोबारा MCOCA लगाया जाए
3) पुलिस–सूचना लीक करने वाले तंत्र की पहचान हो
4) हाई-सीक्रेसी ऑपरेशन चलाया जाए बड़ा सवालजब आरोपी पहले से चिन्हित थे…तो फिर कार्रवाई से पहले सूचना कैसे लीक हुई?ये सवाल है —और इसका जवाब सरकार और सिस्टम को देना होगा।हमारी टीम इस केस की हर अपडेट पर नज़र रख रही है — अगली रिपोर्ट जल्द!

