रामनगर उत्तराखंड 11 दिसंबर को पुछडी गांव के परिवारों ने तहसील परिसर में सांकेतिक रूप से धरना देकर अपने पुनर्वास और विस्थापन की व्यवस्था ना होने पर विरोध जताया

रामनगर उत्तराखंड 11 दिसंबर को पुछडी गांव के परिवारों ने तहसील परिसर में सांकेतिक रूप से धरना देकर अपने पुनर्वास और विस्थापन की व्यवस्था ना होने पर विरोध जताया, बीते कई दिनों से कई परिवार खुले आसमान के नीचे ठंड में जीवन बिताने पर मजबूर हो रहे हैं, *मालिकाना हक संघर्ष समिति* के अध्यक्ष एस, लाल, जैस्ठ ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी, ब्लॉक प्रमुख मंजू नेगी के नेतृत्व में पीड़ित परिवारों ने रामनगर विधायक दीवान सिंह बिष्ट तथा एसडीएम प्रमोद कुमार को ज्ञापन देखकर आरोप लगाया कि कई दिन बीत जाने के बावजूद भी पीड़ित परिवारों की सुध लेने कोई नहीं आया, पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे ठंड में छोटे-छोटे बच्चों के साथ रात बिता रहे हैं,

ना तो इनके पास खाने-पीने की व्यवस्था है, ना ही रहने की, वन विभाग को पीड़ित परिवारों की मानवता के तौर पर संवेदनशील होकर ठंड से बचाने, खाने पीने की व्यवस्था करनी चाहिए?तहसील परिसर में सांकेतिक धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि प्रशासन को अतिक्रमण हटाने से पहले प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए था, धरना स्थल पर वक्ताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 20 दिसंबर तक उनकी मांग को पूरा नहीं किया गया या इन परिवारों की सुध नहीं ली गई तो 21 दिसंबर से तहसील परिसर पर अनिश्चितकालीन धरना देकर प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, इस धरने से प्रभावित परिवारों के साथ ग्राम पंचायत प्रतिनिधि, राजनीतिक संगठनों के लोग भी शामिल होंगे! इस मांग को लेकर उच्च न्यायालय से भी गुहार लगाई जाएगी हर संभव प्रयासों से इन परिवारों को विस्थापन की भरपूर कोशिश की जाएगी?

*रामनगर से नरेश चोपड़ा की रिपोर्ट*

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