इतिहास केवल तलवारों से नहीं लिखा जाता इतिहास जज्बों, हौसलों की वह कहानी है जिसमें देश के लिए, कौम के लिए, वतन की आबरू, अस्मत की बल बेदी पर सर्वत्र बलिदान करने वाला योद्धा अपना सर्वत्र बलिदान कर देता है_24 दिसंबर 1704
इतिहास केवल तलवारों से नहीं लिखा जाता इतिहास जज्बों, हौसलों की वह कहानी है जिसमें देश के लिए, कौम के लिए, वतन की आबरू, अस्मत की बल बेदी पर सर्वत्र बलिदान करने वाला योद्धा अपना सर्वत्र बलिदान कर देता है_24 दिसंबर 1704—ठंडी हवा में एक भयानक सन्नाटा पसरा था,गुरु गोविंद सिंह जी की माता_ माता…
